Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
अचà¥à¤›à¥€ सेहत का सीकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ हैं ये 6 चीजें, हर किसी की डाइट में होना है जरूरी
हमारे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठसंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ खाने के साथ-साथ कà¥à¤› बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना बेहद जरूरी है ताकि हम लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² बीमारियों से दूर रह सकें।
रोजाना की à¤à¤¾à¤—दौड़ और अनियमित खानपान की वजह से हम अकà¥à¤¸à¤° बीमारियों से घिरे रहते हैं। जबकि मानव के जीवन में उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से अधिक मूलà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¨ चीज कà¥à¤› à¤à¥€ नहीं है। इसलिठफिट और हेलà¥à¤¦à¥€ रहने के लिठसंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ खाना और साथ ही साथ कà¥à¤› नियमों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना काफी जरूरी है। वैसे तो वजन कम करने के लिठबहà¥à¤¤ अलग-अलग तरह की डाइट उपलबà¥à¤§ हैं, जैसे मेडिटेरेनियन, कीटो आदि। लेकिन सà¤à¥€ डाइट के अपने लाठऔर साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ होते हैं। कई बार हम परेशान हो जाते हैं कि कौन सी डाइट का पालन करना हमारे लिठबेसà¥à¤Ÿ रहेगा। इसलिठआज हम आपको सà¤à¥€ डाइट में पाई जाने वाली कà¥à¤› समानताओं के बारे में बताने वाले हैं। ताकि आप लाà¤à¥‹à¤‚ की चिंता किठबिना वह डाइट फॉलो कर सकें। जो आपके लिठसबसे उपयà¥à¤•à¥à¤¤ हो। फल-सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करने से काफी लाठजैसे कि शà¥à¤—र लेवल नियमित रहना, वजन नियंतà¥à¤°à¤‚ण आदि मिलते हैं।
ओमेगा 6 फैट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र वेजिटेबल ऑयल का सेवन न करें
कोलंबिया à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² में सीनियर डाइटिशियन डॉकà¥à¤Ÿà¤° अदिति शरà¥à¤®à¤¾ बताती हैं कि ओमेगा 6 फैट कई पà¥à¤°à¤•ार के खाने और सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट में होता है। जैसे कि सोयाबीन ऑयल, केनोला ऑयल, कारà¥à¤¨ ऑयल (मकà¥à¤•े का तेल) और कॉटन सीड ऑयल आदि ओमेगा 6 फैट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र कà¥à¤› वेजिटेबल ऑयल के पà¥à¤°à¤•ार हैं। लेकिन ओमेगा 6 फैट के कारण कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² में बढ़ाव हो सकता है। जिसे à¤à¤²à¤¡à¥€à¤à¤² यानी बैड कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² à¤à¥€ कहते हैं। इसकी वजह से हारà¥à¤Ÿ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• और अनà¥à¤¯ हà¥à¤°à¤¦à¤¯ परेशानियां हो सकती हैं। इसलिठडाइट के दौरान ओमेगा 6 फैट यà¥à¤•à¥à¤¤ वेजिटेबल ऑयल का सेवन न करें। बलà¥à¤•ि उनकी जगह पर ऑलिव ऑयल या फिर किसी कम ओमेगा फैट वाले वेजिटेबल ऑयल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² टà¥à¤°à¤¾à¤‚स फैट को डाइट से हटाà¤: वेजिटेबल ऑयल के हाइडà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨à¥€à¤•रण से टà¥à¤°à¤¾à¤‚स फैट बनाया जाता है। बहà¥à¤¤ सारे देशों में टà¥à¤°à¤¾à¤‚स फैट को बैन कर दिया गया है। यह फैट पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸ किठगठखाने में पाठजाते हैं। डाइट में टà¥à¤°à¤¾à¤‚स फैट का सेवन बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ न करें इससे बहà¥à¤¤ सी बीमारियां होने का खतरा रहता जिनमें से दिल की बीमारियां पà¥à¤°à¤®à¥à¤– है।
खाने पर कैलोरीज पर अधिक धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें
à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ डाइट में खाने को कैलोरीज से अधिक महतà¥à¤µ दिया जाता है। वजन कम या कैलोरीज पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध करने की बजाठहेलà¥à¤¦à¥€ डाइट का सेवन करें। ताकि शरीर का मेटाबॉलिजà¥à¤® ठीक रहे। कितना खाना खाया जा रहा है इसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने की बजाय खाने में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚, इस बात पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना जरूरी है। साथ ही लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² में बदलाव जरूरी है।
अधिक सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और फाइबर का सेवन करें
बहà¥à¤¤ सारी डाइट में कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को हटाना पड़ता है या फिर सीमा तय करनी पड़ती है। जैसे कि पीलियो डाइट से अनाज को हटाया किया जाता है और पà¥à¤²à¤¾à¤‚ट वाली डाइटà¥à¤¸ से पशॠआहार को। दरअसल सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बहà¥à¤¤ से à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸, नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ व बहà¥à¤¤ से अनà¥à¤¯ फाइबरà¥à¤¸ होते हैं। जिनसे बीमारियों का खतरा कम होता है और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शरीर रहता है।
रिफाइंड कारà¥à¤¬à¥à¤¸ को डाइट में से हटाà¤à¤‚
रिफाइंड कारà¥à¤¬à¥à¤¸ में à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की शà¥à¤—र होती है। गेहूं के आटे में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रिफाइंड कारà¥à¤¬à¥à¤¸ पाया जाता है। रिफाइंड कारà¥à¤¬à¥à¤¸ से कैलोरीज बढ़ती है और कोई à¤à¥€ नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ नहीं मिल पाते। अगर होल गà¥à¤°à¥‡à¤¨ में फाइबर न हो तो सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š हमारे बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को बिगाड़ सकता है। इसके कारण बार-बार खाने का मन करता है और जब बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल कम होने लगता है तो कà¥à¤› घंटों बाद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाने का मन करने लगता है। रिफाइंड कारà¥à¤¬à¥à¤¸ डाइट में खाने से बहà¥à¤¤ सी बीमारियां होती है जैसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और अनà¥à¤¯ हà¥à¤°à¤¦à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ बीमारियां।
अलग से शà¥à¤—र कम मातà¥à¤°à¤¾ में लें
à¤à¤¡à¥‡à¤¡ शà¥à¤—र सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठसबसे अधिक हानिकारक मानी जाती है। कà¥à¤› लोग कम मीठा खाते हैं परंतॠकà¥à¤› लोग मीठे पर बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ कंटà¥à¤°à¥‹à¤² नहीं कर पाते। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शà¥à¤—र खाने से लीवर को परेशानी हो सकती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शà¥à¤—र खाने से लीवर फैट से à¤à¤° जाता है। डाइट में कम शà¥à¤—र का सेवन करें। अधिक शà¥à¤—र खाने से मोटापा, टाइप टू डायबिटीज और अनà¥à¤¯ हà¥à¤°à¤¦à¤¯ परेशानियां होती है।
डाइट के दौरान सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी है कि हम à¤à¥‹à¤œà¤¨ अचà¥à¤›à¥‡ से खाà¤à¤‚ जैसे कि ऊपर à¤à¥€ बताया गया कि कैलोरीज से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¥‹à¤œà¤¨ पर दें। रिफाइंड कारà¥à¤¬à¥à¤¸,टà¥à¤°à¤¾à¤‚स फैट और ओमेगा 6 यà¥à¤•à¥à¤¤ वेजिटेबल ऑयल को अपनी डाइट में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें। अपनी डाइट के दौरान इन बातों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखेंगे तो सेहत अचà¥à¤›à¥€ बनेगी और डाइट à¤à¥€ सकà¥à¤¸à¥‡à¤¸à¤«à¥à¤² होगी।
| --------------------------- | --------------------------- |